
पूर्वी दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने पिछले 15 सालों में दिल्ली में अच्छा काम किया इसलिए कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं को उम्मीद थी कि इस बार भी शीला की ही जीत होगी लेकिन सब कुछ उलट हुआ। कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं सहित शीला दीक्षित के अरमान धरे के धरे रह गए और आम आदमी पार्टी (आप) को कम आंकना कांग्रेस को भारी पड़ा। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने भारी मतों से शीला दीक्षित को करारी हार दी।
सूत्रों के अनुसार शीला की सत्ता पर वापसी की आस लगाए गाजीपुर फूल मंडी के कारोबारी भी बड़े निराश हुए क्योंकि कारोबारियों ने शीला दीक्षित के जीतने पर उपहार के तौर पर देने के लिए 40 फुट का हार तैयार करवाया था लेकिन कारोबारियों द्वारा बनवाया गया हार कांग्रेस की शिकस्त के बाद मंडी में ही पड़ा सड़ रहा है।
कारोबारियों ने हार गुलाब, गुलदावदी और रजनीगंधा आदि फूलों से तैयार करवाया था और करीब 25000 रुपए की लागत के इस हार को बनाने में दो दिन लगे और इस हार को बनाने में 12 मजदूरों ने काम किया। लेकिन कांग्रेस की शिकस्त के बाद कारोबारियों को शीला दीक्षित को वो हार गिफ्ट करने का मौका ही नहीं नहीं मिला।
